महागणपति महोत्सव - भगवा नगरी 2018

गणपति बप्पा मोरिया
महागणपति महोत्सव का आयोजन भगवा नगरी के प्रांगण में नवयुवक मंडल के द्वारा किया गया। प्रत्येक बर्ष की भांति इस साल भी युवाओं में खासा उत्साह का माहौल है।
यह महोत्सव हर वर्ष की भांति तीन चरणों मे किया जाता रहा है।
1. स्थापना
    गणपति स्थापना गणेश चथुर्थी के दिन की जाती है अतः इस वर्ष 13 सितम्बर को यह मुहूर्त है।
इस शुभ वेला का इंतज़ार पूरे वर्ष भर युवाओ को रहता है जब वे गणपति बप्पा को अपने ग्राम में स्थापित करेंगे तथा हर्षोउल्लाश के साथ धूम मचाएंगे । समस्त ग्राम वासियो द्वारा चारभुजा के प्रांगण में प्रतिमा की स्थापना की गयी ।


आरती व बाजो के साथ गणपति का स्वागत भगवा चौराहा पर किया गया ।
2. पूजन
स्थापना से लेकर आखिर दिन गणपति विसर्जन तक गणपति का पूजन किया जाता है।

प्रत्येक दिन गणपति की सांयकालीन आरती होती है तथा पूजन किया जाता है।

3. विसर्जन
 आखिरी दिन परम्परागत तरीके से पूर्ण सम्मान के साथ गणपति विसर्जन का आयोजन होता है।
विसर्जन की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जाती है, हर बार की तरह इस बार भी विसर्जन का मुहूर्त श्याम को 7 बजे चिंतामणि सरोवर पर है।इस दिन झुलनी ग्यारस का पर्व भी है जिस दिन ठाकुर जी चिंतामणि सरोवर की यात्रा करेंगे तथा समस्त जीवों को आशीर्वाद देंगे।

गणपति की सवारी भगवा चौराहा से लेकर सम्पूर्ण ग्राम से होती हुई चिंतामणि सरोवर तक या बनास नदी तक जाती है जंहा गणपति का सम्पूर्ण प्रेम से "गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ" के उद्घोष के साथ जल में प्रतिमा विसर्जित कर दी जाती है।

सम्पूर्ण गणपति महोत्सव इस बार का 7 दिन का रहा तथा 8 वें दिन डीजे व नाचगाने के साथ विसर्जन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य सदस्य हरीश कुमावत, मुकेश कुमावत(सांवरा), मुकेश(श्री), प्रकाश कुमावत, धर्मेंद्र कुमावत, सुरेश कुमावत, गोपीलाल कुमावत(सऊदी), शंतिलाल कुमावत व पन्नालाल कुमावत तथा समस्त कुमावत मोहल्ला वासी रहे।

एडिटिंग व राइटिंग : नरेंद्र कुमावत
कंटेंट साभार : पन्ना लाल कुमावत