बजरंगबली मंदिर प्रसादी
भारतीय संस्कृति में मंदिर अपनी एक खास जगह रखते है, इन्हें भगवत धाम कहा जाता है। इसीलिए भारत के प्रत्येक ग्राम व नगर में मंदिर का निर्माण अवश्य किया है। ठाकुर जी का मंदिर, माता जी का मंदिर, शिव मंदिर तथा बजरंग बली के मंदिर प्रमुख है। इसके अलावा स्थानीय व लोक देवीदेवताओं के मंदिर भी स्थापित किये जाते है। स्थानीय देवता में ग्राम देवता, ग्राम देवी, ताकाजी, भेरू जी, गोरा जी, सती माता जी, राडाजी व पूर्वज प्रमुख है। रामदेव जी, गोगा जी, तेजाजी तथा अन्य लोक देवताओं के पूजा स्थल व स्थान पाए जाते है।
नोगामा ग्राम मेवाड़ क्षेत्र का कांकरोली राजसमंद अंचल क्षेत्र ले एक वृहद ग्राम है, यँहा की लोक भवनाओं का सम्मान यँहा के मंदिर व चैराहो पर होने वाले वार्षिक व धार्मिक उत्सव से किया जाता रहा है।
ग्राम के मध्य में चारभुजा नाथ तथा भोलेनाथ का मंदिर है, वंही कालका माता तथा चावंड माता का मंदिर भी स्थित है।
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| बजरंगबली प्रभु |
ग्राम के दक्षिण दिशा में महावीर बजरंग बली का एक भव्य मंदिर स्थित है, यह मंदिर लगभग सौ साल से भी अधिक पुराना है। ग्राम के एक मुख्य रास्ते मे सबसे पहले हनुमान जी ले दर्शन होते है।
आते जाते लोगो का बजरंग बली को नमस्कार व स्मरण करना स्वभाविक है। यह स्थल प्रारम्भ में एक चबूतरे जैसा था, बाद में इसका विकास होता चला गया और इसने एक शानदार मंदिर का रूप ले लिया।
मंदिर की बाहरी स्थिति चाहे कितनी बार बदलती रहे परन्तु बजरंग बली की प्रतिमा की लालिमा हमेशा से वही मनभावन रही है। कई बार इस मंदिर का निर्माण शुरू हुआ व इसकी शोभा में वृद्धि होती चली गयी।
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| एक ग्रामवासी द्वारा साझा |
ग्राम वासियो के सहयोग से इस बार बने इस मंदिर पर प्रसादी का आयोजन फाल्गुन पक्ष की तृतीय तिथि को अर्थात 8 मार्च 2019 को कलश व प्रसादं का आयोजन रखा गया है।
सुबह कलश यात्रा होगी तथा सांयकाल को सभी भक्तों में प्रसादं वितरण का कार्यक्रम होगा।

