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बजरंगबली मंदिर प्रसादी
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भारतीय संस्कृति में मंदिर अपनी एक खास जगह रखते है, इन्हें भगवत धाम कहा जाता है। इसीलिए भारत के प्रत्येक ग्राम व नगर में मंदिर का निर्माण अवश्य किया है। ठाकुर जी का मंदिर, माता जी का मंदिर, शिव मंदिर तथा बजरंग बली के मंदिर प्रमुख है। इसके अलावा स्थानीय व लोक देवीदेवताओं के मंदिर भी स्थापित किये जाते है। स्थानीय देवता में ग्राम देवता, ग्राम देवी, ताकाजी, भेरू जी, गोरा जी, सती माता जी, राडाजी व पूर्वज प्रमुख है। रामदेव जी, गोगा जी, तेजाजी तथा अन्य लोक देवताओं के पूजा स्थल व स्थान पाए जाते है। नोगामा ग्राम मेवाड़ क्षेत्र का कांकरोली राजसमंद अंचल क्षेत्र ले एक वृहद ग्राम है, यँहा की लोक भवनाओं का सम्मान यँहा के मंदिर व चैराहो पर होने वाले वार्षिक व धार्मिक उत्सव से किया जाता रहा है। ग्राम के मध्य में चारभुजा नाथ तथा भोलेनाथ का मंदिर है, वंही कालका माता तथा चावंड माता का मंदिर भी स्थित है। बजरंगबली प्रभु ग्राम के दक्षिण दिशा में महावीर बजरंग बली का एक भव्य मंदिर स्थित है, यह मंदिर लगभग सौ साल से भी अधिक पुराना है। ग्राम के एक मुख्य रास्ते मे सबसे पहले हनुमान जी ले दर्शन होते है। ...
नवरात्रि महोत्सव २०१८
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🙏 ज़य माताजी सभी भक्तों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये, माता रानी आपके जीवन मे इसी तरह हर्षोउल्लाश व खुशी की वर्षा करती रहे ऐसी हमारी प्रार्थना है। समस्त भारतवर्ष में नवरात्रि का त्योहार बड़े धूमधाम ओर श्रद्धा से मनाया जाता है। नवरात्रि पर्व की शुरुआत अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रथमा से शुरू होकर अश्विन शुक्ल पक्ष नवमी तक होती है। नो दिन का यह शक्ति पर्व में बहुत से भक्त माता की कठोर तपस्या करते है, जिसमें नो दिन तक निर्जला उपवाश या केवल जल के सहारे नो दिन रहना या केवल एक समय भोजन कर भी किया जाता है। नवरात्रि की स्थापना माता की प्रतिमा स्थापित कर की जाती है तथा नो दिन तक पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन देवी के नो रूपो में से प्रत्येक की पूजा व आराधना की जाती है। माता के नो रूप इस प्रकार है जिनका क्रमशः प्रथमा से लेकर नवमी तक धूमधाम से आरती व आराधना की जाती है। शैलपुत्री ( पर्वत की बेटी ) भ्रमाचारिणी (माँ दुर्गा का शांति पूर्ण रूप) चंद्रघंटा ( माँ का गुस्से का रूप ) कुष्मांडा ( माँ का ख़ुशी भरा रूप ) स्कंदमाता ( माँ के आशीर्वाद का रूप ) कात्यायनी ...
महागणपति महोत्सव - भगवा नगरी 2018
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⏬ गणपति बप्पा मोरिया महागणपति महोत्सव का आयोजन भगवा नगरी के प्रांगण में नवयुवक मंडल के द्वारा किया गया। प्रत्येक बर्ष की भांति इस साल भी युवाओं में खासा उत्साह का माहौल है। यह महोत्सव हर वर्ष की भांति तीन चरणों मे किया जाता रहा है। 1. स्थापना गणपति स्थापना गणेश चथुर्थी के दिन की जाती है अतः इस वर्ष 13 सितम्बर को यह मुहूर्त है। इस शुभ वेला का इंतज़ार पूरे वर्ष भर युवाओ को रहता है जब वे गणपति बप्पा को अपने ग्राम में स्थापित करेंगे तथा हर्षोउल्लाश के साथ धूम मचाएंगे । समस्त ग्राम वासियो द्वारा चारभुजा के प्रांगण में प्रतिमा की स्थापना की गयी । आरती व बाजो के साथ गणपति का स्वागत भगवा चौराहा पर किया गया । 2. पूजन स्थापना से लेकर आखिर दिन गणपति विसर्जन तक गणपति का पूजन किया जाता है। प्रत्येक दिन गणपति की सांयकालीन आरती होती है तथा पूजन किया जाता है। 3. विसर्जन आखिरी दिन परम्परागत तरीके से पूर्ण सम्मान के साथ गणपति विसर्जन का आयोजन होता है। विसर्जन की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जाती है, हर बार की तरह इस बार भी विसर्जन का मुहूर्त श्याम को 7 बजे चिं...
गणपती महोत्सव बड़ा मंदिर 2018
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⟳ श्री गणेशाय नमः।। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री गणपति महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं नयी उमंग के साथ किया जा रहा है। इस बार के गणपति का आयोजन भगवा ब्रिगेड ग्रुप द्वारा भी कीया जा रहा है। इस महोत्सव का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है। 1. स्थापना गणपति स्थापना गणेश चतुर्थी के दिन सुबह मुहर्त के साथ कि जाति है । वर्ष 2018 की गणेश चतुर्थी 13 सितम्बर को है। गणेश चथुर्थी की सुबह हुई गणपति स्थापना की चर्चा से तत्पश्चात सदस्यों द्वारा पांच फीट की गणेश प्रतिमा की स्थापना का निश्चय किया गया। सदस्यों में पन्ना लाल कुमावत, राजेश सुथार, लक्ष्मी लाल सुथार, किशन गाडरी(चेला), शंतिलाल जी कुमावत(माड़साब), कन जी कुमावत, नरेंद्र कुमावत शामिल थे। दोपहर के उपरांत 4 बजे टीम गणपति प्रतिमा को लाने के लिए कांकरोली रवाना हुई। काफी जांच पड़ताल के बाद टीम ने एक प्रतिमा फाइनल की, जिसे एक सम्मानीय तरीके से भगवा नगरी नोगामा लाया गया। इस बार गणपति स्थापना भगवा नगरी के प्रचीन मंदिर श्री चारभुजा मंदिर (बड़ा मन्दिर) की गई। इसमे सियाराम(लाल चंद जी दास) ने स्थापना विधि पूर्ण की तथा गणपति स...